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में अज्ञानी कवि के कंटेंट पर पूर्ण स्वामित्व मेरा है कॉपी करना वर्जित है लेकिन नाम के साथ प्रकाशित करने में मुझे कोई आपत्ति नहीं है।

Tuesday, 25 November 2014

यक़ीन


कई बार टूट कर बिखरा हूँ 


पर


खुद पे इतना यक़ीन है की मंजिल तो पा ही लूँगा।।।


लेखन  कुंवर गजेन्द्र